Hindi Dard-e-Shayari July 2017

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जब-जब भी ये हवाएँ छू कर जाती है मुझे,

लगता है जैसे तू बहुत करीब बहुत पास है।

बेरंग सी होने लगी थी, ये जो ज़िन्दगी मेरी,

तेरे आ जाने से घुली एक सतरंगी मिठास है।

मैं ताउम्र यूँ ही परियों सा चाहूँगा तुझे जान,

मेरे लिए बहुत मायने रखता तेरा विश्वास है।

ये दुनिया वाले तुझे चाहे जैसे भी चाहते होंगे,

पर इस ज़िन्दगी की तू रौशनी वाली आस है।

तेरे ख़याल भर से ही आती है मुस्कुराहटें मेरी,

ख्वाबों से भी कहीं ख़ूबसूरत तेरा एहसास है।

©मनीषयादव

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अदब की मांग थी, तहज़ीब ने झुकाया था,

गुमां न रखना कि, तुमने मुझे हराया था!

कहने वालों का कुछ नहीं जाता

सहने वाले कमाल करते हैं

कौन ढूंढें जवाब दर्दों के

लोग तो बस सवाल करते हैं…

लेकर के मेरा नाम मुझे कोसता तो है …

नफरत में ही सही पर मुझे सोचता तो है…!!

©मनीषयादव

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गीतों से अच्छा कोई

इत्र का फाया नहीं हो सकता ।

सृजन का बीज हूँ

मिट्टी में जाया हो नहीं सकता…!

कार्य-कारन सम्बन्ध की बेमिसाल

मिसाल है ये कायनात ।

तेरे सिवा हर जर्रे में यहाँ,

कोई समाया नहीं हो सकता ।।

©मनीषयादव

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