Ek bahut hi Rochak hindi Katha

कोर्ट मैरीज करनी है या माता पिता से पूछ कर अरैंज मैरीज करनी है, लड़के ने लड़की से पुछा…..

लड़की ने कहा हम गरीब हैं और मेरे पिताजी अभी शादी का खर्चा नहीं उठा सकते




और

मैं अपने माता पिता का बहुत सम्मान करती हूँ मैं भागने की बजाय मर जाना पसंद करूँगी.

लेकिन आप मेरे माता पिता से बात कर सकते हैं, बाकी वे जैसा कहेंगे वैसा ही होगा.

लड़के ने कहा “मुझे क्या परेशानी होगी” मैने कौन सी दहेज की मांग रखनी है.

तुम कह रही हो तो मैं तुम्हारे माता पिता से बात कर लूंगा,

लड़का उसके घर जाता हा और लड़की के माता पिता से बात करता है.

लड़की के पिता ने कहा मेरे पास तो केवल 1000 रूपये ही पड़े हैं,

मैं शादी कैसे करूं, लड़के ने कहा शादी तो हजार रूपये में भी हो जाती है…

लड़की के पापा ने कहा वो कैसे ? ‘लड़के ने कहा आप कल मेरे साथ चलना.

अगले दिन लड़का आता है और कहता कि अपने परिवार के खास खास सदस्यों को लेकर मेरे साथ चलिये.

वो सब उसकी गाड़ी में बैठ जाते हैं थोड़ी दूर जाकर एक मिठाई की दूकान के सामने लड़का गाड़ी रोकता है़…

और कहता है पापाजी आप दो किलो बढ़ीया सी मिठाई ले आईये.

वो मिठाई ले आते हैं उसके बाद लड़का कोर्ट के साम गाड़ी रोकता हैे और कोर्ट में लड़की के साथ शादी का रजिर्स्टेशन करवाता है.

लड़का कहता है पिताजी हो गयी शादी, अब आप मिठाई बांट दीजिए और हो गयी एक हजार की मिठाई में शादी.

आपको और कोई खर्चा नहीं करना है, लड़की के पिता की आंखों में आंसू आ जाते हैं.

लेकिन एक महिने बाद ही लड़के की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो जाती है.

लड़की दुर्घटना वाली जगहा पर पहूँचती है, लेकिन मृत शरीर (डेड बॉडी) को देखकर बेहोश हो जाती है..

लड़के का पोस्टमार्टम होता है और (मृत शरीर) डेड बॉडी और खून से लथपत कपड़े घर आ जाते हैं …

लड़के का अंतिम संस्कार कर दिया जाता है.

लड़की ने वो खून से सने कपड़े धोबी को धोने के लियें दिये.

धोबी ने कहा..’मैडम ये कपड़े फैंक दीजिए.

ये बेकार हो गये है

लेकिन लड़की ने कहा तुम रहने दो…

मेरे पास ये कपड़े उनकी याद के तौर पर रहेंगे, मैं इन कपड़ों को किसी को नहीं दूंगी.

लड़की ने कपड़े खुद धोये लेकिन खून के दाग नहीं गये.

लड़की सो गई, सपने में लड़की को एक बुढ़़ीया नजर आयी.

लड़की डर कर उठ जाती है, अगले दिन लड़की ने कपड़े फिर धोये.

लेकिन दाग नहीं गये,रात को लड़की को फिर वही भयानक चेहरे वाली बुढ़़ीया नजर आई.

उसने कहा ये दाग ऐसे ही नहीं जाने वाले.

ऐसा कुछ हफ्तों तक चलता रहा.

लड़की के लियें सोना मुश्किल हो गया..एक दिन लड़की के घर की घंटी बजी…..

लड़की ने दरवाजा खोला……

तो

तो

लड़की डर के मारे चीख पड़ी……..

वही सपने में नजर आने वाली बुढ़ीया उसके सामने खड़ी थी….

उसने कहा, डरो नहीं बेटी, मैं जानती हूँ कि तुम कपड़ों के दाग से परेशान हो, लेकिन वो दाग ऐसे नहीं जाने वाले क्योंकि……

असल में तुम वाशिंग पाउडर ही गलत प्रयोग कर रही हो यह लो

[निरमा]

इससे दाग जरूर चले जाऐगे

और

वो बुढ़ीया विना पैसे लिये ही चली जाती है.

लड़की ने उन कपड़ो को (निरमा) से धोया तो दाग एक दम से चले गये.

तो दाग निकालने के लियें

>निरमा< प्रयोग कीजिए. खून तो मेरा भी बहुत खौला था जब मुझे भी किसी ने यह भेजा था. ????


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