Hindi Kahaniyan – Ek Natkhat chokre ki kahani

रोहित अपने लिए एक पुरानी बाइक ढूंडरहा था.

एक दिन उसे ऐसी बाइक




मिली जिसकी कंडीशन बिलकुल नयी से

भी अच्छी थी.

उसने उसे खरीदते समय उसके मालिक से

पूछा: “यार, ये इतनी नयी कैसे लगती है?”

मालिक बोला: “एक वेसलिन

की डिब्बी हमेशा अपने पास रखो, और जेसे

ही बारिश शुरू हो इसके उपर वेसलिन

लगा दो बाइक हमेशा नयी जेसी ही रहेगी.”

नयी जैसी बाइक लेके उसने

अपनी गर्लफ्रेंड को दिखाई और

उसको घुमाने ले गया.

वापिस जब उसे घर छोड़

रहा था तो गर्लफ्रेंड बोली की आज रात

को तुम हमारे घर पर ही डिन्नर करो.

रोहित मान गया और बाइक को स्टैंड पे

लगा के जैसी ही अंदर जाने

लगा तो उसकी गर्ल फ्रेंड ने एक अजीब

बात बताई.

वो बोली: “हमारे घर में खाना खाने के टाइम

पर जो भी कुछ बोलेगा उसे घर के सारे बर्तन

मांझने पड़ते है, इसलिए खाना खाते समय

कुछ भी मत बोलना.”

उसकी बात सुन कर रोहित ओके बोला,

पर जैसी ही अंदर घुसा देख कर हैरान रह

गया, घर के हर कोने में झूठे बर्तनों का ढेर

लगा हुआ था.

बिना कुछ बोले डाइनिंग टेबल पे बेठ गया,

सभी लोग चुपचाप खाना खाने लगे, कोई कुछ

नहीं बोल रहा था.

रोहित का दिमाग अब काम किया और उसने

मौके का फायदा उठाते हुए अपनी गर्ल फ्रेंड

को किस किया,

उसकी गर्ल फ्रेंड की माँ, उसका बाप, और

उसकी बहन सब ये तमाशा देख रहे थे.

पर बर्तन मांझने के डर से सभी चुप थे. गर्ल

फ्रेंड को अच्छी तरह किस करने के बाद,

रोहित ने उसकी बहन को भी किस करना

शुरू कर दिया पर कोई कुछ नहीं बोला.

अब दोनों बहनो को किस करने के बाद रोहित

उनकी माँ को भी किस कर दिया और फिर

अपनी

गर्लफ्रैण्ड के पास गया और

अपनि गर्लफ्रेंड को किस करने लगा ।

उसकी गर्लफ्रेंड उसे जोरो से किस करने

लगी । तभी जोर से बारिश होने लगी,और

उसे अपनी बाइक की फिकर होने लगी.

उसने तेज़ी से जेब में हाथ डाला और वेसलिन

की डिब्बी निकाली ही थी की.

लड़की का बाप चिल्ला कर बोला

बाप: “नहीं नहीं, में बर्तन मांझने के लिए

तेयार हूँ”


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